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सार्वजनिक स्कूल की स्थिति :-
आज दौर मैं रोटी कपड़ा मकान के बाद किसी भी वर्ग को किसी चीज की आवश्कता है वो होती है  शिझा की ये हर वर्ग के लोगो के लिये महत्पूर्ण है। 
किन्तु इसकी प्राप्ति मध्यवर्गीय  ओर उच्चवर्गीय   लोगो को ज्यादा कठनाई का सामना नहीं करना पड़ता किन्तु गरीबो को इसके लिये बहुत मेहनत करनी पडती है। 
        वे अपने बच्चों की पढ़ाई के लिये रोटी कपड़ा मकान सब कुछ दाव मैं लगाने को तैयार हो जाते हैं ताकि अपने बच्चों को एक अच्छा भविष्य दे सके फिर भी इतना कुछ दाव मैं लगाने के बाद भी कुछ गरीब  सफल नहीं हो सकते। 
                  निजी स्कूल की फीस जो होती है वो आसान छूने को होते जो की गरीब परिवार उसका बोझ नहीं संभाल पाते। 
                  मजबूरन उन्हें थक हार कर उन्हें उन्हें अपने बच्चो को सार्वजनिक (सरकारी) स्कूलों मैं भेजना पड़ता है। 
आज कोई भी वर्ग का व्यक्ति आज अपने बच्चो को सरकारी स्कूल नहीं भेजना चाहताआखिर क्यों। 
  1. अच्छी बेवस्था का ना होना। 
  2. काबिल गुरुओ का ना होना 
  3. कामचोर टीचर का होना। 
  4. सुचारु रूप से क्लास का होना। 
  5. बच्चों के उप्पर खास ध्यान ना देना। 
  6. गप्पे कर के टाइम पास करना। 
  7. स्कूलों का अच्छी स्थिति मैं ना होना।
इत्यादि। 
        इन्हे कारणों से आज सर्वाजनिक स्कूल आज कोई भी अपने बच्चो को पढ़ाई के लिये नहीं भेजना चाहता किन्तु गरीब क्या क्या करें उनके पास और कोई दूसरा उपाए भी तो नहीं है। 
                  सरकार को यह मालूम है की हमरे देश मैं 40%के आबादी गरीब रेखा के अंतर्गत आती है। फिर भी सरकार इनके बच्चो के उज्जवल भविष्य के लिये कुछ अच्छे कदम आजादी के इतने सालो के बाद भी अच्छा फैसला क्यों नहीं ले पा रही है अगर हमरी पढ़ाई मजबूत नहीं रहेगी तो तो हम हमरे देश को अच्छे भविष्य की ओर नहीं ले जा पायंगे। 
सरकारी स्कूल काबिल गुरु क्यों नहीं हमरे देश मैं पढ़े लिखें लोगो की कमी तो नहीं है तो सरकार इनकी भर्ती क्यू नहीं करती है। 
                       आज के दौर मैं किसी भी देश की मजबूती होती है उस देश मैं रह रहे काबिल और समझदार नागरिक होते है। 
                                                        इसलिए किसी भी देश के सरकार का प्रमुख कदम ज्ञान की ओर ही होना चाहिए ताकि हम समय के साथ बने रहे और कदम से कदम मिला कर चल सके नहीं तो हम सब पीछे छूट जायेंगे ज्ञान ही हमरा प्रमुख हत्यार होना चाहिए। चुकी इससे ताकतवर हत्यार कुछ भी नहीं है। 


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